Wednesday, August 15, 2007

क्या हम वास्तव मे स्वतंत्र है ?

आज हम अपने देश के स्वतंत्रता दिवस की 60वी वर्षगाँठ मना रहे है ! हर तरफ शुभकामनाओ और बधाईयो का ताँता लगा हुआ है ! पर क्या आपने यह विचार किया है कि क्या हम सचमुच स्वतंत्र है ? क्या इसी स्वतंत्र भारत की कल्पना की गयी थी ? तकनीकी और औद्योगिक विकास की चाहे जो बाते की जाये, चाहे जो आँकडे पेश किये जाये, इसकी हक़ीक़त हम सभी जानते है ! नीचे लिखी पंक्तियो से स्पष्ट है------

कहने को है जनता राज
लेकिन जनता है मोहताज
सब की आँखो मे आँसू
बह गई उल्टी गंगा आज
आज है अपनो का रोना
कल थे गैरो के मोहताज
किस किस की हम बात सुने
हर कोई है साहबे ताज
जिसके पसीने से है खिरमन
वह खुद रोटी को मोहताज
अपनी हुक़ूमत है फिर भी
भूके है कुछ काम न काज़
माना कि बरबाद हुए
मिल तो गया हमको स्वराज
हम वह माली है लोगो
बेच दे जो गुलशन की लाज !!!

परिस्थितियो की यही विडम्बना है कि भले ही आज हम पर कोई दूसरा देश शासन नही कर रहा, पर हम स्वतंत्र नही है ! हमारी मानसिकता गुलाम हो चुकी है और हमे गुलामी की आदत पड चुकी है !
इन विषम परिस्थितियो मे हो सकता है कि आप आज़ादी का जशन मना सके, पर मै तो शहीदो के सामने नम आँखो से शर्मसार खडा हूँ और उनके सपनो को टूटते हुए देख रहा हूँ ! याद कर रहा हूँ उन तमाम सैनिको और उनके परिवार के सदस्यो के बलिदान को जो मातृभूमि के लिये शहीद हो गये ! क्योंकि शायद आज का दिन उन्हे याद करने के लिये ही तय किया गया है और 16 अगस्त को उनको फिर से भुला दिया जायेगा अगले एक वर्ष के लिये !
जाइये आप जशन मनाइये ! मुझे तो अभी कुछ अनुत्तरित प्रशनो के हल खोजने है !!!!!

जय जवान ! जय किसान ! जय भारत !

5 comments:

Anonymous said...

goro se kalo ki gulami,
daku se choro ki gulami,
garo se apno ki gulami,
ijjt hamari bikti nah,
ijjt hum me hai hi kahan,
rishwat, nithari, chori, rape
yeh sab hai hamare game.
kab ayage hamko shame, kab ayage hum ko shame

Guman singh said...

http://dingalpingal.blogspot.com/
http://raniwara-mail.blogspot.com/

Deepakji
maine 2 blog banaye hai plz improov k liye suggestion de

yrs
gs rao

Anonymous said...

It was not azadi, was just transfer of gulami. Like a caged animal, masters were changed but animal remained caged.

Anonymous said...

Insha Allah some day when we Indians will rise over religion and caste, and all will be literate we will be able to choose right leaders. Then we will be really azad.

All are welcome here said...

waha waha kiya baat hai deepak ji
bakai me ap bahut acha likhte hain